"ईश्वर एक है" का भाव को व्यक्त करता "एकात्मता मंत्र" (एकता मंत्र)
।।⛳ॐ श्री गुरुदेवाय नमः⛳।। यं वैदिका मन्त्रदृशः पुराणा इन्द्रं यमं मातरिश्वानमाहुः। वेदन्तिनोऽनिर्वचनियमेकं यं ब्रह्मशब्देन विनिर्दिशन्ति ॥ १ ॥ प्राचीन काल के मन्त्रद्रष्टा ऋषियों ने जिसे इंद्र , यम , मातरिश्वान (वैदिका देवता) कहकर पुकारा और जिस एक अनिर्वचनीय को वेदान्ती ब्रह्म शब्द से निर्देश करते हैं ॥१॥ Mantradrishta sages of ancient times called Indra, Yama, Matrishvana (Goddess Vaidika) and the one who instructed the non-Vedanti with the word Vedanti Brahma।।1।। शैवा यमीशं शिव इत्यवोचन् यं वैष्णवा विष्णुरितिस्तुवन्ति। बुद्धस्तथाऽर्हन्निति बौद्धजैनाः स त् श्री अकालेति च सिक्ख संतः ॥२॥ शैव जिसकी शिव और वैष्णव जिसकी विष्णु कहकर स्तुति करते हैं। बौद्ध और जैन जिसे बुद्ध और अर्हन्त कहते हैं तथा सिक्ख सन्त जिसे सत् श्री अकाल कहकर पुकारते हैं ॥२॥ Shaivite, whom Shiva and Vaishnavas praise as Vishnu. Buddhists and Jains called Buddha and Arhant and Sikh saints called Satta Akal ।। 2।। शास्तेति केचित् प्...