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नागपुर में संघ के विजयदशमी उत्सव में प.पू.डाॅ.मोहन भागवत स्वयंसवेकों को करेंगे संबोधित

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                  ।।⛳ॐ श्री गुरुदेवाय नमः⛳।। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से वर्ष के सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम विजयादशमी उत्सव की तैयारियां जोरों पर है. संघ की ओर से 25 अक्टूबर को नागपुर के रेशिमबाग में सुबह आठ बजे से विजयादशमी उत्सव आयोजित होगा. कोरोना के कारण बिना मुख्य अतिथि के नागपुर के रेशिमबाग में आयोजित इस कार्यक्रम में संघ के सरसंघचालक प.पू.डाॅ.मोहन भागवत करीब एक घंटे तक संबोधन करेंगे. इस दौरान वह देश और दुनिया के सामने खड़ी चुनौतियों को लेकर सावधान करेंगे. कोरोना को लेकर पड़ोसी देशों से रिश्ते, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर वह चर्चा कर सकते हैं. वहीं संघ के स्वयंसेवकों को इन चुनौतियों के मुकाबले के लिए तैयार रहने की अपील भी कर सकते हैं. हर वर्ष विजयादशमी के मौके पर होने वाला यह संबोधन संगठन का आगामी वर्षों के लिए एक विजन पेश करता है.  नागपुर के महानगर संघचालक मा.श्री राजेश लोया जी ने बताया कि कोरोना के कारण कार्यक्रम का स्वरूप बदल गया है. सिर्फ 50 व्यक्तियों की मौजूदगी में उत्सव होगा. पहले शस्त्र पूजन होगा, फ...

संघ की आत्मीय प्रार्थना.प्रार्थना का हिंदी अर्थ व ऐतिहासिक विकास क्रम

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                  ।।⛳ॐ श्री गुरुदेवाय नमः⛳।।  संघ की आत्मीय प्रार्थना है नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे.. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में “प्रार्थना” का बहुत ही महत्व है.राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की हर गतिविधि दैनिक शाखा के जरिये संपन्न होती है.संघ की शाखा या अन्य कार्यक्रमों में इस प्रार्थना को अनिवार्यतः परमपवित्र “भगवा-ध्वज” को नमन करके गाया जाता है.शाखा का समापन “ध्वज प्रणाम” के साथ इसी प्रार्थना के माध्यम से होता है. प्रस्तुत है संघ की आत्मीय प्रार्थना…                                     ●”प्रार्थना”● नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोहम् | महामङ्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते ||१|| प्रभो शक्तिमन् हिन्दुराष्ट्राङ्गभूता इमे सादरं त्वां नमामो वयम् | त्वदीयाय कार्याय बध्दा कटीयं शुभामाशिषं देहि तत्पूर्तये || अजय्यां च विश्वस्य देहीश शक्तिं सुशीलं जगद्येन नम्रं भवेत् | श्रुतं चैव यत्कण्टकाकीर्ण मार्गं स्...